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- Amazon India Store: https://www.amazon.in/dp/B004HO5IQG?tag=9natreehindi-21
- Amazon Worldwide Store: https://global.buys.trade/Against-Intellectual-Property-N-Stephan-Kinsella.html
- Apple Books: https://books.apple.com/us/audiobook/against-intellectual-property-unabridged/id1430030403?itsct=books_box_link&itscg=30200&ls=1&at=1001l3bAw&ct=9natree
- eBay: https://www.ebay.com/sch/i.html?_nkw=Against+Intellectual+Property+N+Stephan+Kinsella+&mkcid=1&mkrid=711-53200-19255-0&siteid=0&campid=5339060787&customid=9natree&toolid=10001&mkevt=1
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#प्राकृतिकदुर्लभता #कृत्रिमदुर्लभता #पेटेंटएकाधिकार #कॉपीराइटनिषेध #स्वैच्छिकअनुबंध #AgainstIntellectualProperty
अगेंस्ट इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी, एन. स्टीफन किन्सेला की संक्षिप्त लेकिन सघन कानूनी, आर्थिक और राजनीतिक दार्शनिक विवेचना है. स्वयं पेटेंट वकील रहे किन्सेला इसमें पेटेंट, कॉपीराइट और ट्रेडमार्क के प्रचलित औचित्य को चुनौती देते हैं. पुस्तक का उद्देश्य रचनाकारों के श्रम या भौतिक संपत्ति के महत्व को नकारना नहीं है. इसका केंद्रीय प्रश्न यह है कि क्या किसी विचार, अभिव्यक्ति या आविष्कार पर ऐसा कानूनी अधिकार उचित है, जो उन लोगों को भी रोके जिन्होंने अपने संसाधनों से स्वतंत्र रूप से वैसी वस्तु बनाई हो. किन्सेला का उत्तर नकारात्मक है. वे उदारतावादी संपत्ति-सिद्धांत के आधार पर कहते हैं कि संपत्ति अधिकारों का काम प्राकृतिक रूप से दुर्लभ संसाधनों पर टकराव घटाना है, जबकि विचार और सूचना साझा होने पर समाप्त नहीं होते. इसलिए उनके अनुसार बौद्धिक संपदा कानून कृत्रिम दुर्लभता और राज्य-प्रदत्त निषेध पैदा करते हैं. यह पुस्तक आईपी-विरोध का सर्वमान्य निष्कर्ष नहीं, बल्कि मुक्त बाजार और स्वामित्व की एक कठोर, सिद्धांत-आधारित दलील प्रस्तुत करती है.