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- Amazon India Store: https://www.amazon.in/dp/1586481983?tag=9natreehindi-21
- Amazon Worldwide Store: https://global.buys.trade/Banker-to-the-Poor%3A-Micro-lending-and-the-Battle-Against-World-Poverty-Muhammad-Yunus.html
- Apple Books: https://books.apple.com/us/audiobook/banker-to-the-poor/id1819962050?itsct=books_box_link&itscg=30200&ls=1&at=1001l3bAw&ct=9natree
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#माइक्रोक्रेडिट #ग्रामीणबैंक #बिनाजमानतऋण #महिलावित्तीयसमावेशन #साहूकारीचक्र #BankertothePoor
मुहम्मद यूनुस की बैंकर टू द पूअर, माइक्रो लेंडिंग एंड द बैटल अगेंस्ट वर्ल्ड पॉवर्टी, एक आत्मकथात्मक पुस्तक है जिसमें बांग्लादेश में ग्रामीण बैंक की स्थापना और माइक्रोक्रेडिट के विचार का विकास दर्ज है. पुस्तक का उद्देश्य गरीबी को दान या केवल सरकारी सहायता की समस्या मानने के बजाय, उसे वित्तीय बहिष्कार और असमान अवसरों की समस्या के रूप में देखना है. अर्थशास्त्र के प्रोफेसर रहे यूनुस अकाल और ग्रामीण निर्धनता के बीच अपने अकादमिक सिद्धांतों की सीमाओं से असंतुष्ट होते हैं. जॉबरा गांव के कारीगरों के अनुभव से उन्हें दिखता है कि बहुत छोटी पूंजी की कमी लोगों को साहूकारों के शोषणकारी चक्र में बांध देती है. इसी अवलोकन से बिना जमानत के छोटे ऋण, उधारकर्ताओं के समूह और महिलाओं पर केंद्रित बैंकिंग का मॉडल उभरता है. यह पुस्तक ग्रामीण बैंक की उपलब्धियों का विवरण होने के साथ, पारंपरिक बैंकिंग, विकास सहायता और गरीबी की प्रचलित परिभाषाओं की आलोचना भी है. इसका केंद्रीय आग्रह है कि गरीब लोग निष्क्रिय लाभार्थी नहीं, बल्कि अवसर मिलने पर सक्षम आर्थिक भागीदार हैं.