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- Amazon India Store: https://www.amazon.in/dp/0061928011?tag=9natreehindi-21
- Amazon Worldwide Store: https://global.buys.trade/Can-Capitalism-Survive%3F-Joseph-A-Schumpeter.html
- Apple Books: https://books.apple.com/us/audiobook/can-american-capitalism-survive/id1440691079?itsct=books_box_link&itscg=30200&ls=1&at=1001l3bAw&ct=9natree
- eBay: https://www.ebay.com/sch/i.html?_nkw=Can+Capitalism+Survive+Joseph+A+Schumpeter+&mkcid=1&mkrid=711-53200-19255-0&siteid=0&campid=5339060787&customid=9natree&toolid=10001&mkevt=1
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#रचनात्मकविनाश #उद्यमीनवाचार #गतिशीलप्रतिस्पर्धा #पूंजीवादकीआत्मक्षीणता #लोकतांत्रिकअभिजातप्रतिस्पर्धा #CanCapitalismSurvive
जोसेफ ए. शुम्पीटर की यह पुस्तक राजनीतिक अर्थशास्त्र की एक प्रभावशाली कृति, कैपिटलिज्म, सोशलिज्म एंड डेमोक्रेसी, के उस केंद्रीय हिस्से का सुलभ संस्करण है जिसमें वे पूछते हैं कि क्या पूंजीवाद टिक सकता है. इसका उद्देश्य पूंजीवाद की प्रशंसा या निंदा भर करना नहीं, बल्कि उसकी गतिशीलता और उसके भीतर पैदा होने वाले सामाजिक तनावों को समझना है. शुम्पीटर का सबसे प्रसिद्ध विचार, रचनात्मक विनाश, बताता है कि आर्थिक प्रगति नई वस्तुओं, तकनीकों, बाजारों और संगठनात्मक रूपों के माध्यम से पुराने उद्योगों, कौशलों और व्यावसायिक ढांचों को हटाती चलती है. वे पूंजीवाद को स्थिर संतुलन नहीं, निरंतर परिवर्तन की विकासवादी प्रक्रिया मानते हैं. फिर भी उनका निष्कर्ष आशावादी नहीं है. उनके अनुसार पूंजीवाद अपनी आर्थिक विफलता से कम, अपनी सफलता से अधिक कमजोर हो सकता है, क्योंकि बड़े संगठन, बौद्धिक वर्ग और बदलती राजनीतिक संस्थाएं उद्यमी पूंजीवाद के सामाजिक आधार को क्षीण कर सकती हैं. यह संस्करण नवाचार, प्रतिस्पर्धा, निगमों और समाजवाद पर शुम्पीटर की चुनौतीपूर्ण दृष्टि का संक्षिप्त प्रवेशद्वार है.