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- Amazon India Store: https://www.amazon.in/dp/0691240477?tag=9natreehindi-21
- Amazon Worldwide Store: https://global.buys.trade/Capital%3A-Critique-of-Political-Economy%2C-Volume-1-Karl-Marx.html
- Apple Books: https://books.apple.com/us/audiobook/capital-volume-1-a-critique-of-political-economy/id1721809910?itsct=books_box_link&itscg=30200&ls=1&at=1001l3bAw&ct=9natree
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कार्ल मार्क्स की कैपिटल, क्रिटीक ऑफ पॉलिटिकल इकोनॉमी, वॉल्यूम १, आधुनिक पूंजीवादी उत्पादन पद्धति का दार्शनिक, ऐतिहासिक और आर्थिक विश्लेषण है. पहली बार १८६७ में प्रकाशित यह ग्रंथ किसी अर्थव्यवस्था को केवल बाजार, कीमतों और व्यापार के रूप में नहीं देखता. मार्क्स पूछते हैं कि वस्तुएं किस सामाजिक संबंध में बनती हैं, मजदूर अपनी श्रमशक्ति क्यों बेचता है, और उत्पादन बढ़ने पर भी संपत्ति कुछ हाथों में क्यों सिमटती है. पुस्तक का आरंभ वस्तु से होता है, फिर मूल्य, पैसा, पूंजी, मजदूरी, कार्यदिवस, मशीनों और संचय की परतों के माध्यम से पूंजीवाद की संरचना खोलता है. इसका केंद्रीय उद्देश्य लाभ को उद्यमी की व्यक्तिगत कुशलता या बाजार की स्वाभाविक देन मानने के बजाय, उत्पादन में मौजूद वर्ग संबंधों से जोड़कर समझना है. मार्क्स का तर्क ऐतिहासिक दावों, औद्योगिक इंग्लैंड के उदाहरणों और वैचारिक आलोचना को साथ रखता है. यह संस्करण पॉल राइटर के अनुवाद तथा पॉल नॉर्थ और राइटर की टिप्पणियों के कारण समकालीन पाठक के लिए विशेष रूप से उपयोगी है.