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#ऋणजालकूटनीति #कॉरपोरेटोक्रेसी #आर्थिकहिटमैन #डेथइकॉनमी #लाइफइकॉनमी #ConfessionsofanEconomicHitMan3rdEdition
जॉन पर्किन्स की कॉन्फेशंस ऑफ एन इकॉनॉमिक हिट मैन, तृतीय संस्करण, संस्मरण, राजनीतिक अर्थव्यवस्था और वैश्विक विकास-नीति का मिश्रित विश्लेषण है. मूल पुस्तक में लेखक अपने पूर्व कॉर्पोरेट अर्थशास्त्री जीवन के आधार पर यह तर्क रखते हैं कि बड़े विकास ऋण, अवसंरचना परियोजनाएं और आर्थिक पूर्वानुमान कई देशों को कर्ज तथा बाहरी प्रभाव के चक्र में बांध सकते हैं. तृतीय संस्करण, जो दो हजार तेइस में प्रकाशित हुआ, इस तर्क को अद्यतन करते हुए चीन की वैश्विक आर्थिक भूमिका और उसकी ऋण आधारित कूटनीति पर विशेष ध्यान देता है. पर्किन्स इस व्यवस्था को कॉरपोरेटोक्रेसी कहते हैं, जहां कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और राज्य-हितों का गठजोड़ नीति को प्रभावित करता है. पुस्तक का घोषित उद्देश्य केवल आरोप लगाना नहीं, बल्कि उस आर्थिक मॉडल की नैतिक और पारिस्थितिक लागत पर प्रश्न उठाना भी है जिसे लेखक डेथ इकॉनमी कहते हैं. फिर भी इसे आलोचनात्मक विवेक से पढ़ना आवश्यक है, क्योंकि लेखक के कुछ व्यापक दावों की स्वतंत्र पुष्टि और दस्तावेजी आधार को लेकर समीक्षकों तथा पूर्व सहयोगियों ने गंभीर संदेह व्यक्त किए हैं.