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- Amazon Worldwide Store: https://global.buys.trade/General-Theory-of-Employment%2C-Interest%2C-and-Money-John-Maynard-Keynes.html
- Apple Books: https://books.apple.com/us/audiobook/the-general-theory-of-employment-interest-and-money/id1717954104?itsct=books_box_link&itscg=30200&ls=1&at=1001l3bAw&ct=9natree
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जॉन मेनार्ड कीन्स की द जनरल थ्योरी ऑफ एम्प्लॉयमेंट, इंटरेस्ट एंड मनी, पहली बार उन्नीस सौ छत्तीस में प्रकाशित, आधुनिक समष्टि अर्थशास्त्र की निर्णायक कृति है. यह पुस्तक महामंदी की पृष्ठभूमि में लिखी गई, जब बड़े पैमाने की बेरोजगारी ने इस विश्वास को चुनौती दी कि मुक्त बाजार अपने आप पूर्ण रोजगार तक लौट आता है. कीन्स का उद्देश्य केवल मंदी का वर्णन करना नहीं, बल्कि यह समझाना था कि उत्पादन, रोजगार, निवेश, ब्याज और धन की मांग एक दूसरे को कैसे प्रभावित करते हैं. पुस्तक शास्त्रीय अर्थशास्त्र की उन धारणाओं की आलोचना करती है जिनमें बचत, मजदूरी में लचीलापन और ब्याज दर को स्वतः संतुलनकारी शक्तियां माना जाता था. कीन्स के अनुसार अर्थव्यवस्था अपर्याप्त कुल मांग के कारण लंबे समय तक कम उत्पादन और बेरोजगारी की स्थिति में रह सकती है. यह एक सघन सैद्धांतिक ग्रंथ है, नीति-पुस्तिका नहीं. फिर भी इसने राजकोषीय नीति, सार्वजनिक व्यय और मंदी-प्रबंधन पर बीसवीं सदी की बहसों को गहराई से बदल दिया.