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- Amazon India Store: https://www.amazon.in/dp/B004GK3CNW?tag=9natreehindi-21
- Amazon Worldwide Store: https://global.buys.trade/I-Thought-It-Was-Just-Me-Bren%C3%A9-Brown.html
- Apple Books: https://books.apple.com/us/audiobook/i-thought-it-was-just-me-but-it-isnt-telling-the/id1458419463?itsct=books_box_link&itscg=30200&ls=1&at=1001l3bAw&ct=9natree
- eBay: https://www.ebay.com/sch/i.html?_nkw=I+Thought+It+Was+Just+Me+Bren+Brown+&mkcid=1&mkrid=711-53200-19255-0&siteid=0&campid=5339060787&customid=9natree&toolid=10001&mkevt=1
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#शर्मप्रतिरोधकता #विषाक्तपूर्णतावाद #अपर्याप्तताकीभावना #भेद्यताऔरसहानुभूति #प्रामाणिकआत्मस्वीकृति #IThoughtItWasJustMe
ब्रने ब्राउन की पुस्तक आई थॉट इट वॉज़ जस्ट मी, बट इट इज़न्ट, शोध आधारित आत्म-सहायता और सामाजिक-मनोज्ञान की कृति है. इसका केंद्र शर्म, पूर्णतावाद, अपर्याप्तता की भावना और महिलाओं के जीवन में सामाजिक अपेक्षाओं का दबाव है. ब्राउन बताती हैं कि बहुत-से लोग अपनी कठिनाइयों को निजी कमी मानते हैं, जबकि वे व्यापक सांस्कृतिक संदेशों से भी बनती हैं. किताब का उद्देश्य पाठक को केवल बेहतर महसूस कराना नहीं, बल्कि शर्म की कार्यप्रणाली पहचानने में सक्षम बनाना है. लेखिका सात वर्षों के शोध और अनेक साक्षात्कारों के आधार पर समझाती हैं कि निर्दोष दिखने की कोशिश अक्सर आलोचना, अस्वीकृति और दोषारोपण से बचने का कवच बन जाती है. पर यही कवच निकटता, रचनात्मक जोखिम और आत्म-स्वीकृति को सीमित करता है. पुस्तक विशेष रूप से महिलाओं के अनुभवों पर केंद्रित है, फिर भी इसके विचार उन सभी पाठकों के लिए उपयोगी हैं जो लगातार यह सोचते रहते हैं कि दूसरे उनके बारे में क्या कहेंगे. इसका मूल आग्रह है कि भेद्यता कमजोरी नहीं, बल्कि ईमानदार संबंध और शर्म-प्रतिरोधकता की आवश्यक शर्त है.