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- Amazon India Store: https://www.amazon.in/dp/B0182PTKOG?tag=9natreehindi-21
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- Apple Books: https://books.apple.com/us/audiobook/moral-tribes-emotion-reason-and-the-gap-between-us/id735793587?itsct=books_box_link&itscg=30200&ls=1&at=1001l3bAw&ct=9natree
- eBay: https://www.ebay.com/sch/i.html?_nkw=Moral+Tribes+Emotion+Reason+and+the+Gap+Between+Us+and+Them+Joshua+Greene+&mkcid=1&mkrid=711-53200-19255-0&siteid=0&campid=5339060787&customid=9natree&toolid=10001&mkevt=1
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जोशुआ ग्रीन की पुस्तक मॉरल ट्राइब्स नैतिक मनोविज्ञान, तंत्रिका विज्ञान और दर्शन का विश्लेषणात्मक संगम है. इसका केंद्रीय प्रश्न है कि लोग अपने समूह के भीतर सहयोग तो कर लेते हैं, लेकिन दूसरे समूहों के साथ नैतिक टकराव में इतनी आसानी से क्यों फंस जाते हैं. ग्रीन के अनुसार मानव मस्तिष्क छोटे, परस्पर निर्भर समुदायों के जीवन के लिए विकसित हुआ था. इसलिए हमारी सहज नैतिक प्रतिक्रियाएं अपने लोगों के प्रति भरोसा, निष्ठा और सहयोग पैदा करती हैं, पर बाहरी लोगों के प्रति संदेह और विरोध भी जगा सकती हैं. आधुनिक दुनिया में अलग धर्मों, संस्कृतियों और राजनीतिक विचारों वाले समूह एक ही सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था साझा करते हैं. यहां पुरानी सहज नैतिकता पर्याप्त नहीं रहती. पुस्तक भावनात्मक, त्वरित निर्णयों और धीमे, विचारपूर्ण तर्क के अंतर को समझाती है. ग्रीन का उद्देश्य भावनाओं को पूरी तरह नकारना नहीं, बल्कि यह बताना है कि किन परिस्थितियों में उन्हें भरोसेमंद मानना चाहिए और कब अधिक निष्पक्ष, परिणाम-केंद्रित विवेक की आवश्यकता होती है.