Show Notes
- Amazon India Store: https://www.amazon.in/dp/0300151357?tag=9natreehindi-21
- Amazon Worldwide Store: https://global.buys.trade/Out-of-the-East%3A-Spices-and-the-Medieval-Imagination-Paul-Freedman.html
- Apple Books: https://books.apple.com/us/audiobook/say-what-the-origins-of-everyday-idioms-and/id1774574240?itsct=books_box_link&itscg=30200&ls=1&at=1001l3bAw&ct=9natree
- eBay: https://www.ebay.com/sch/i.html?_nkw=Out+of+the+East+Spices+and+the+Medieval+Imagination+Paul+Freedman+&mkcid=1&mkrid=711-53200-19255-0&siteid=0&campid=5339060787&customid=9natree&toolid=10001&mkevt=1
- और पढ़ें: https://hindi.9natree.com/read/B00K1FXO9I/
#मध्यकालीनमसालाव्यापार #पूर्वकीकल्पना #कालीमिर्चऔरविलासिता #ह्यूमरलचिकित्सा #मध्यकालीनपाकशैली #OutoftheEast
पॉल फ्रीडमैन की आउट ऑफ द ईस्ट स्पाइसेज़ एंड द मीडीवल इमैजिनेशन मध्यकालीन यूरोप में मसालों के इतिहास पर केंद्रित एक गंभीर, लेकिन सुगम सांस्कृतिक इतिहास है. यह पुस्तक केवल काली मिर्च, दालचीनी, लौंग, जायफल और अदरक जैसी वस्तुओं के व्यापार का विवरण नहीं देती. इसका मुख्य प्रश्न यह है कि यूरोपीय लोगों ने इन दूरस्थ पदार्थों को इतना मूल्यवान, रहस्यमय और आकर्षक क्यों माना. फ्रीडमैन स्वाद, चिकित्सा, धार्मिक कल्पना, सामाजिक प्रतिष्ठा और पूर्व के बारे में बनी धारणाओं को एक साथ पढ़ते हैं. वे दिखाते हैं कि मसाले रोजमर्रा की रसोई की सामग्री होने के साथ विलासिता, स्वास्थ्य और दूर की दुनिया से संपर्क के प्रतीक भी थे. मध्यकालीन स्रोतों, भोजन संबंधी प्रथाओं और व्यापारिक संदर्भों के सहारे पुस्तक उस धारणा को जटिल बनाती है कि मसाले सिर्फ भोजन को खराब मांस की गंध से बचाने के लिए इस्तेमाल होते थे. इसका उद्देश्य मसालों के माध्यम से मध्यकालीन यूरोप की इच्छाओं, सीमाओं और विश्व-दृष्टि को समझना है.