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- Amazon India Store: https://www.amazon.in/dp/0063446537?tag=9natreehindi-21
- Amazon Worldwide Store: https://global.buys.trade/Suicidal-Empathy%3A-Dying-to-Be-Kind-Gad-Saad.html
- Apple Books: https://books.apple.com/us/audiobook/suicidal-empathy/id1849502181?itsct=books_box_link&itscg=30200&ls=1&at=1001l3bAw&ct=9natree
- eBay: https://www.ebay.com/sch/i.html?_nkw=Suicidal+Empathy+Dying+to+Be+Kind+Gad+Saad+&mkcid=1&mkrid=711-53200-19255-0&siteid=0&campid=5339060787&customid=9natree&toolid=10001&mkevt=1
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#सुसाइडलएम्पैथी #मिसडायरेक्टेडकम्पैशन #नैतिकप्राथमिकताओंकाउलटफेर #विकासवादीमनोविज्ञान #विवेकपूर्णकरुणा #SuicidalEmpathy
गैड साद की पुस्तक सुसाइडल एम्पैथी, डाइंग टू बी काइंड, समकालीन राजनीति और संस्कृति पर एक विवादास्पद वैचारिक आलोचना है. विकासवादी मनोविज्ञान की पृष्ठभूमि वाले साद इसमें तर्क देते हैं कि सहानुभूति अपने आप में समस्या नहीं है, लेकिन जब वह परिणामों, पारस्परिक दायित्वों और सार्वजनिक सुरक्षा से कट जाए, तो वह समाज के लिए हानिकारक बन सकती है. लेखक इस स्थिति को सुसाइडल एम्पैथी कहते हैं. उनका दावा है कि पश्चिमी समाजों में अपराध, अवैध प्रवासन, पहचान आधारित राजनीति और संस्थागत निर्णयों पर भावनात्मक नैतिकता का प्रभाव बढ़ा है. पुस्तक का उद्देश्य पाठक को करुणा त्यागने के लिए कहना नहीं, बल्कि करुणा और विवेक के बीच संतुलन की मांग करना है. साद का लेखन अकादमिक शोध, सांस्कृतिक टिप्पणी और तीखे राजनीतिक तर्क का मिश्रण है. इसलिए यह पुस्तक विचारोत्तेजक होने के साथ ध्रुवीकरण पैदा करने वाली भी है. इसे एक निष्पक्ष सामाजिक विज्ञान ग्रंथ के बजाय स्पष्ट वैचारिक दृष्टिकोण वाली सांस्कृतिक आलोचना के रूप में पढ़ना अधिक उचित है.