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- Amazon India Store: https://www.amazon.in/dp/1541758005?tag=9natreehindi-21
- Amazon Worldwide Store: https://global.buys.trade/The-Age-of-Surveillance-Capitalism-Shoshana-Zuboff.html
- Apple Books: https://books.apple.com/us/audiobook/the-age-of-surveillance-capitalism/id1448601611?itsct=books_box_link&itscg=30200&ls=1&at=1001l3bAw&ct=9natree
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#सर्वेलांसकैपिटलिज़्म #बिहेवियरलफ्यूचर्समार्केट्स #इंस्ट्रूमेंटेरियनपावर #बिगअदर #डिजिटलडिस्पज़ेशन #TheAgeofSurveillanceCapitalism
शोशाना ज़ुबॉफ़ की द एज ऑफ सर्वेलांस कैपिटलिज़्म डिजिटल अर्थव्यवस्था, निजता और लोकतंत्र पर केंद्रित एक विस्तृत आलोचनात्मक गैर-कथा पुस्तक है. इसका मूल तर्क है कि बड़ी तकनीकी कंपनियों ने इंटरनेट सेवाओं को केवल उपयोगी उत्पादों के रूप में नहीं, बल्कि मानवीय अनुभव से व्यवहार संबंधी डेटा निकालने वाली व्यावसायिक व्यवस्था के रूप में विकसित किया है. ज़ुबॉफ़ इस व्यवस्था को सर्वेलांस कैपिटलिज़्म कहती हैं. उनके अनुसार खोज, सोशल मीडिया, स्मार्ट उपकरण और कनेक्टेड सेवाओं के माध्यम से जुटाया गया डेटा भविष्य के व्यवहार का अनुमान लगाने और उन अनुमानों को बाजार में बेचने के काम आता है. पुस्तक तकनीक का सरल विरोध नहीं करती. वह उस आर्थिक तर्क की आलोचना करती है जिसमें उपयोगकर्ता की जानकारी, सहमति और स्वायत्तता से अधिक लाभ और पूर्वानुमान को महत्व मिलता है. इतिहास, व्यापार मॉडल और राजनीतिक सिद्धांत को साथ रखकर यह पुस्तक पूछती है कि डिजिटल क्षमताओं पर नियंत्रण किसके पास होगा, और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा किस प्रकार होगी.