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- Amazon India Store: https://www.amazon.in/dp/0470821701?tag=9natreehindi-21
- Amazon Worldwide Store: https://global.buys.trade/The-Dollar-Crisis%3A-Causes%2C-Consequences%2C-Cures-Richard-Duncan.html
- Apple Books: https://books.apple.com/us/audiobook/how-to-finish-everything-you-start-understanding-the/id1745383880?itsct=books_box_link&itscg=30200&ls=1&at=1001l3bAw&ct=9natree
- eBay: https://www.ebay.com/sch/i.html?_nkw=The+Dollar+Crisis+Causes+Consequences+Cures+Richard+Duncan+&mkcid=1&mkrid=711-53200-19255-0&siteid=0&campid=5339060787&customid=9natree&toolid=10001&mkevt=1
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#डॉलरस्टैंडर्ड #अमेरिकीचालूखाताघाटा #विदेशीमुद्राभंडार #ऋणआधारितपरिसंपत्तिबुलबुला #अवस्फीतिजन्यवैश्विकमंदी #TheDollarCrisis
रिचर्ड डंकन की द डॉलर क्राइसिस, कॉज़ेज़, कॉन्सीक्वेंसेज़, क्योर्स अंतरराष्ट्रीय मुद्रा व्यवस्था और अमेरिकी डॉलर की केंद्रीय भूमिका का आलोचनात्मक आर्थिक विश्लेषण है. संशोधित और अद्यतन संस्करण में डंकन बताते हैं कि डॉलर-आधारित व्यवस्था ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को किस तरह असंतुलनों, ऋण-विस्तार और वित्तीय नाजुकता की ओर धकेला. पुस्तक का मूल उद्देश्य किसी एक मंदी या विनिमय-दर की अस्थायी हलचल को समझाना नहीं है. इसका लक्ष्य उस संरचना की जांच करना है जिसमें अमेरिका लगातार बाहरी घाटे चला सकता है, जबकि अन्य अर्थव्यवस्थाएं डॉलर भंडार जमा करती रहती हैं. डंकन का तर्क गंभीर और चेतावनीपूर्ण है. उनके अनुसार यह व्यवस्था स्थिर विकास की बजाय बढ़ते कर्ज, परिसंपत्ति मूल्यों और विदेशी वित्तपोषण पर निर्भर होती गई. वे संभावित डॉलर संकट, उसके वैश्विक प्रभावों और सरकारों तथा केंद्रीय बैंकों की संभावित प्रतिक्रियाओं पर विचार करते हैं. यह पुस्तक अंतरराष्ट्रीय वित्त, मौद्रिक नीति और संकटों की संरचनात्मक जड़ों को समझने के इच्छुक पाठकों के लिए लिखी गई है.