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- Amazon India Store: https://www.amazon.in/dp/0316404632?tag=9natreehindi-21
- Amazon Worldwide Store: https://global.buys.trade/The-Kingdom-of-Speech-Tom-Wolfe.html
- Apple Books: https://books.apple.com/us/audiobook/the-kingdom-of-speech/id1443095000?itsct=books_box_link&itscg=30200&ls=1&at=1001l3bAw&ct=9natree
- eBay: https://www.ebay.com/sch/i.html?_nkw=The+Kingdom+of+Speech+Tom+Wolfe+&mkcid=1&mkrid=711-53200-19255-0&siteid=0&campid=5339060787&customid=9natree&toolid=10001&mkevt=1
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#वाणीऔरमानवविशिष्टता #अल्फ्रेडरसेलवालेस #प्राकृतिकचयनकीसीमाएं #नोआमचॉम्स्कीकासार्वभौमिकव्याकरण #डैनियलएवरेटऔरपिराहाभाषा #TheKingdomofSpeech
टॉम वुल्फ की द किंगडम ऑफ स्पीच, वर्ष दो हजार सोलह की एक संक्षिप्त लेकिन तीखी वैचारिक गैर-कथा पुस्तक है. यह मानव भाषा की उत्पत्ति, विकासवाद की व्याख्यात्मक सीमा, और भाषाविज्ञान में जन्मजात भाषा-क्षमता के सिद्धांत पर सवाल उठाती है. वुल्फ का केंद्रीय दावा है कि मनुष्य को अन्य प्रजातियों से निर्णायक रूप से अलग करने वाली शक्ति प्राकृतिक चयन नहीं, बल्कि वाणी है. इसी दावे को सामने रखने के लिए वे चार्ल्स डार्विन के सह-विचारक अल्फ्रेड रसेल वालेस, भाषाविद नोआम चॉम्स्की, और मानवविज्ञानी डैनियल एवरेट के विचारों तथा टकरावों को जोड़ते हैं. पुस्तक अकादमिक शोध-ग्रंथ की तरह क्रमबद्ध प्रमाण प्रस्तुत नहीं करती. इसके बजाय यह पत्रकारिता, बौद्धिक जीवनियों, व्यंग्य और विवादात्मक तर्क का मिश्रण है. इसका उद्देश्य भाषा और मानव विशिष्टता पर स्थापित धारणाओं को असहज प्रश्नों के सामने रखना है. इसलिए इसे अंतिम वैज्ञानिक निष्कर्ष के बजाय, भाषा, संस्कृति और मानव उद्भव पर बहस को उकसाने वाली प्रभावशाली रचना के रूप में पढ़ना अधिक उचित है.