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- Amazon India Store: https://www.amazon.in/dp/0062104551?tag=9natreehindi-21
- Amazon Worldwide Store: https://global.buys.trade/The-Myth-of-Persecution-Candida-Moss.html
- Apple Books: https://books.apple.com/us/audiobook/the-lavender-scare-the-cold-war-persecution-of/id1649575106?itsct=books_box_link&itscg=30200&ls=1&at=1001l3bAw&ct=9natree
- eBay: https://www.ebay.com/sch/i.html?_nkw=The+Myth+of+Persecution+Candida+Moss+&mkcid=1&mkrid=711-53200-19255-0&siteid=0&campid=5339060787&customid=9natree&toolid=10001&mkevt=1
- और पढ़ें: https://hindi.9natree.com/read/0062104527/
#रोमनसाम्राज्यमेंउत्पीड़न #आरंभिकईसाईशहादत #शहीदवृत्तांतोंकीऐतिहासिकता #यहूदीऔरयूनानीआदर्शमृत्यु #धार्मिकपीड़ितचेतना #TheMythofPersecution
कैंडिडा मॉस की पुस्तक द मिथ ऑफ परसिक्यूशन आरंभिक ईसाई इतिहास, रोमन साम्राज्य और शहीद कथाओं का आलोचनात्मक अध्ययन है. यह उस लोकप्रिय धारणा को चुनौती देती है कि सम्राट कॉन्स्टैन्टाइन द्वारा ईसाई धर्म को वैध ठहराए जाने से पहले तीन सौ वर्षों तक रोमन राज्य ईसाइयों के विरुद्ध निरंतर, संगठित और सर्वव्यापी दमन चलाता रहा. मॉस यह नहीं कहतीं कि ईसाइयों ने हिंसा, मुकदमों या मृत्युदंड का सामना कभी किया ही नहीं. उनका केंद्रीय तर्क अधिक सीमित और ऐतिहासिक है, कि उपलब्ध साक्ष्य स्थायी साम्राज्यव्यापी उत्पीड़न की पारंपरिक तस्वीर का समर्थन नहीं करते. वे शहीद वृत्तांतों की रचना, प्रसारण और बाद के संपादन को भी जांचती हैं. पुस्तक दिखाती है कि इन कथाओं ने यहूदी, यूनानी और रोमन आदर्श मृत्यु की साहित्यिक परंपराओं से रूपक और संरचनाएं ग्रहण कीं. लोकप्रिय पाठक के लिए लिखी गई यह अकादमिक पुनर्व्याख्या इतिहास की विश्वसनीयता, धार्मिक स्मृति और पीड़ित होने की आधुनिक राजनीतिक भाषा, तीनों पर प्रश्न उठाती है.