Show Notes
- Amazon India Store: https://www.amazon.in/dp/0156767503?tag=9natreehindi-21
- Amazon Worldwide Store: https://global.buys.trade/The-Road-To-Wigan-Pier%3A-%3A-A-Mariner-Books-Classic-George-Orwell.html
- eBay: https://www.ebay.com/sch/i.html?_nkw=The+Road+To+Wigan+Pier+A+Mariner+Books+Classic+George+Orwell+&mkcid=1&mkrid=711-53200-19255-0&siteid=0&campid=5339060787&customid=9natree&toolid=10001&mkevt=1
- और पढ़ें: https://hindi.9natree.com/read/0156767503/
#औद्योगिकमजदूरजीवन #कोयलाखदानश्रम #उत्तरीइंग्लैंडकीगरीबी #ब्रिटिशवर्गव्यवस्था #समाजवादकीजनस्वीकृति #TheRoadToWiganPier
जॉर्ज ऑरवेल की द रोड टु विगन पियर पहली बार उन्नीस सौ सैंतीस में प्रकाशित एक गैर कथा कृति है, जिसमें सामाजिक रिपोर्टाज और राजनीतिक निबंध एक साथ आते हैं. पुस्तक का पहला भाग इंग्लैंड के औद्योगिक उत्तर, विशेषकर लैंकाशर और यॉर्कशर, में महामंदी के दौर के मजदूर जीवन का प्रत्यक्ष विवरण है. ऑरवेल बेरोजगारी, बदहाल आवास, कुपोषण और कोयला खदानों के अत्यंत कठिन श्रम को निकट से दर्ज करते हैं. दूसरा भाग एक अलग किंतु जुड़ा हुआ तर्क प्रस्तुत करता है. इसमें वे अपने मध्यवर्गीय संस्कारों, ब्रिटिश वर्ग व्यवस्था और समाजवाद के प्रति जन असहजता की जांच करते हैं. उनका उद्देश्य केवल गरीबी को भावुक ढंग से दिखाना नहीं, बल्कि यह पूछना है कि ऐसी असमानता समाप्त करने का दावा करने वाला समाजवाद आम लोगों को अक्सर आकर्षित क्यों नहीं करता. पुस्तक की विशिष्टता इसी दोहरी दृष्टि में है. यह प्रत्यक्ष अनुभव पर आधारित सामाजिक दस्तावेज भी है, और अपने ही राजनीतिक पक्ष, वर्गीय पूर्वाग्रहों तथा सार्वजनिक भाषा की कठोर आत्मालोचना भी.