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- Amazon India Store: https://www.amazon.in/dp/0691235341?tag=9natreehindi-21
- Amazon Worldwide Store: https://global.buys.trade/We-Have-Never-Been-Woke%3A-The-Cultural-Contradictions-of-a-New-Elite-Musa-al-Gharbi.html
- Apple Books: https://books.apple.com/us/audiobook/hypocrazy-surviving-in-a-world-of-cultural/id1790130735?itsct=books_box_link&itscg=30200&ls=1&at=1001l3bAw&ct=9natree
- eBay: https://www.ebay.com/sch/i.html?_nkw=We+Have+Never+Been+Woke+The+Cultural+Contradictions+of+a+New+Elite+Musa+al+Gharbi+&mkcid=1&mkrid=711-53200-19255-0&siteid=0&campid=5339060787&customid=9natree&toolid=10001&mkevt=1
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#सिंबॉलिककैपिटलिस्ट्स #ग्रेटअवोकनिंग्स #एनालिटिकइगैलिटेरियनिज्म #एलीटओवरप्रोडक्शन #प्रतीकात्मकप्रभुत्व #WeHaveNeverBeenWoke
मुसा अल घरबी की पुस्तक वी हैव नेवर बीन वोक समकालीन अमेरिकी सामाजिक न्याय राजनीति, पेशेवर वर्ग और बढ़ती असमानता का समाजशास्त्रीय विश्लेषण है. यह न तो वोक विचारों का सीधा खारिजीकरण है, न केवल किसी राजनीतिक खेमे पर हमला. इसका केंद्रीय प्रश्न अधिक असुविधाजनक है. जब पूर्वाग्रह के विरुद्ध सार्वजनिक भाषा अधिक मजबूत हुई है और विविधता संस्थागत आदर्श बन गई है, तब आर्थिक तथा सामाजिक विषमता क्यों बढ़ती रही है. अल घरबी इसके उत्तर में एक उभरते प्रभावशाली वर्ग, सिंबॉलिक कैपिटलिस्ट्स, पर ध्यान देते हैं. ये वे लोग हैं जिनका काम शब्दों, विचारों, छवियों, डेटा और सांस्कृतिक संकेतों से जुड़ा है, जैसे अकादमिक जगत, मीडिया, गैरलाभकारी संस्थाएं और ज्ञान अर्थव्यवस्था के पेशे. पुस्तक दिखाती है कि समानता के प्रति ईमानदार प्रतिबद्धता भी अनजाने में विशेषाधिकार, प्रतिष्ठा और वर्गीय दूरी को मजबूत कर सकती है. इसका उद्देश्य पाठक को नारे के बजाय व्यवहार, संस्थागत परिणामों और शक्ति के वितरण के आधार पर वोकनेस की जांच करना सिखाना है.