Show Notes
- Amazon India Store: https://www.amazon.in/dp/080700569X?tag=9natreehindi-21
- Amazon Worldwide Store: https://global.buys.trade/Yes-to-Life%3A-In-Spite-of-Everything-Viktor-E-Frankl.html
- Apple Books: https://books.apple.com/us/audiobook/yes-to-life-in-spite-of-everything-unabridged/id1504789125?itsct=books_box_link&itscg=30200&ls=1&at=1001l3bAw&ct=9natree
- eBay: https://www.ebay.com/sch/i.html?_nkw=Yes+to+Life+In+Spite+of+Everything+Viktor+E+Frankl+&mkcid=1&mkrid=711-53200-19255-0&siteid=0&campid=5339060787&customid=9natree&toolid=10001&mkevt=1
- और पढ़ें: https://hindi.9natree.com/read/080700569X/
#लोगोथेरेपी #परिस्थितिगतजिम्मेदारी #अपरिहार्यपीड़ाकेप्रतिदृष्टिकोण #सृजनप्रेमऔरअनुभव #मानवीयअपूरणीयता #YestoLife
विक्टर ई. फ्रैंकल की यस टू लाइफ, इन स्पाइट ऑफ एवरीथिंग एक संक्षिप्त दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक कृति है, जो उन्नीस सौ छियालीस में वियना में दिए गए उनके व्याख्यानों पर आधारित है. नाजी यातना शिविरों से मुक्ति के कुछ ही समय बाद फ्रैंकल ने ये विचार रखे, इसलिए पुस्तक का केंद्रीय प्रश्न केवल सैद्धांतिक नहीं है, बल्कि अत्यंत कठोर मानवीय अनुभव से निकला है. फ्रैंकल, मनोचिकित्सक और लोगोथेरेपी के प्रवर्तक, तर्क देते हैं कि पीड़ा, हानि, बीमारी और मृत्यु की निकटता के बीच भी जीवन अपना अर्थ नहीं खोता. यह आसान आशावाद का आग्रह नहीं करती, न ही दुख को अच्छा बताती है. इसके बजाय, यह पूछती है कि किसी विशिष्ट परिस्थिति में व्यक्ति से कौन सा जिम्मेदार उत्तर अपेक्षित है. कर्म, प्रेम और अपरिहार्य कष्ट के प्रति चुने गए दृष्टिकोण को फ्रैंकल अर्थ के प्रमुख मार्गों के रूप में प्रस्तुत करते हैं. पुस्तक का उद्देश्य पाठक को तैयार जवाब देना नहीं, बल्कि अपनी अद्वितीय जिम्मेदारी पहचानने के लिए प्रेरित करना है.