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- Amazon Worldwide Store: https://global.buys.trade/Anxious%3A-Using-the-Brain-to-Understand-and-Treat-Fear-and-Anxiety-Joseph-Ledoux.html
- Apple Books: https://books.apple.com/us/audiobook/anxious-using-the-brain-to-understand-and-treat/id1639817293?itsct=books_box_link&itscg=30200&ls=1&at=1001l3bAw&ct=9natree
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#अमिग्डालाऔररक्षात्मकपरिपथ #सचेतभयकानिर्माण #गैरचेतनखतरापहचान #चिंताकीभविष्यप्रत्याशा #एक्सपोजरऔरसंज्ञानात्मकमनोचिकित्सा #Anxious
जोसेफ लेडू की पुस्तक एंग्शस, भय और चिंता के तंत्रिका-विज्ञान पर आधारित एक गंभीर लेकिन व्यापक पाठक-वर्ग के लिए लिखी गई गैर-कथात्मक कृति है. लेडू न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के तंत्रिका-विज्ञानी हैं, जिनका काम खतरे पर मस्तिष्क की प्रतिक्रियाओं को समझने में प्रभावशाली रहा है. पुस्तक का केंद्रीय तर्क यह है कि भय और चिंता को केवल अमिग्डाला से निकलने वाली जन्मजात भावनाएं मानना भ्रामक है. मस्तिष्क पहले संभावित खतरे को गैर-चेतन स्तर पर पहचानता है और शरीर को रक्षा के लिए तैयार करता है, जबकि सचेत भय का अनुभव बाद में स्मृति, अर्थ, परिस्थिति और आत्म-जागरूकता के आधार पर निर्मित होता है. लेडू नैदानिक परिभाषाओं, मनोविज्ञान, दर्शन और प्रयोगात्मक तंत्रिका-विज्ञान को साथ रखकर बताते हैं कि चिंता-विकारों को समझने में भाषा की सटीकता क्यों आवश्यक है. पुस्तक स्वयं-सहायता की त्वरित विधि नहीं देती, बल्कि उपचार, विशेषकर मनोचिकित्सा और दवाओं, के लिए अधिक सटीक वैज्ञानिक आधार बनाने का प्रयास करती है.