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- Amazon Worldwide Store: https://global.buys.trade/Capital%3A-A-Critique-of-Political-Economy%2C-Volume-1-Karl-Marx.html
- Apple Books: https://books.apple.com/us/audiobook/capital-volume-1-a-critique-of-political-economy/id1721809910?itsct=books_box_link&itscg=30200&ls=1&at=1001l3bAw&ct=9natree
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#वस्तुपूजा #सामाजिकरूपसेजरूरीश्रमसमय #अधिशेषमूल्य #श्रमशक्ति #आदिमसंचय #Capital
कार्ल मार्क्स की कैपिटल, अ क्रिटीक ऑफ पॉलिटिकल इकोनॉमी, वॉल्यूम वन, आधुनिक राजनीतिक अर्थशास्त्र की सबसे प्रभावशाली और विवादास्पद कृतियों में है. मूलतः उन्नीसवीं सदी के औद्योगिक इंग्लैंड की स्थितियों पर आधारित यह पुस्तक उपन्यास या सामान्य आर्थिक परिचय नहीं, बल्कि पूंजीवादी उत्पादन व्यवस्था का दार्शनिक, ऐतिहासिक और आर्थिक विश्लेषण है. मार्क्स का उद्देश्य केवल यह बताना नहीं है कि बाजार कैसे काम करता है. वे यह जांचते हैं कि वस्तुएं, मजदूरी, मुनाफा और संपत्ति किन सामाजिक संबंधों से बनते हैं, तथा इन संबंधों में शक्ति किसके पास रहती है. पुस्तक वस्तु से आरंभ होकर मूल्य, धन, श्रमशक्ति, अधिशेष मूल्य, मशीनरी, कारखाना व्यवस्था और पूंजी संचय तक पहुंचती है. इसका केंद्रीय तर्क है कि मुनाफे का स्रोत केवल व्यापारिक चतुराई नहीं, बल्कि श्रमिक के उस श्रम का हिस्सा है जिसका पूरा प्रतिफल उसे नहीं मिलता. पेंगुइन क्लासिक्स संस्करण पाठक को मार्क्स के मूल तर्क और ऐतिहासिक सामग्री तक पहुंच देता है. इसे भविष्यवाणी की पुस्तक की तरह नहीं, पूंजीवाद की संरचना, उसके इतिहास और उसकी अंतर्विरोधी गतियों को समझने के गंभीर प्रयास की तरह पढ़ना सबसे उपयोगी है.