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- Amazon India Store: https://www.amazon.in/dp/1803414308?tag=9natreehindi-21
- Amazon Worldwide Store: https://global.buys.trade/Capitalist-Realism%3A-Is-There-No-Alternative%3F-Mark-Fisher.html
- Apple Books: https://books.apple.com/us/audiobook/capitalist-realism-is-there-no-alternative-unabridged/id1755742413?itsct=books_box_link&itscg=30200&ls=1&at=1001l3bAw&ct=9natree
- eBay: https://www.ebay.com/sch/i.html?_nkw=Capitalist+Realism+Is+There+No+Alternative+Mark+Fisher+&mkcid=1&mkrid=711-53200-19255-0&siteid=0&campid=5339060787&customid=9natree&toolid=10001&mkevt=1
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#कैपिटलिस्टरियलिज्म #नवउदारवाद #ऑडिटसंस्कृति #तनावकानिजीकरण #राजनीतिककल्पना #CapitalistRealism
मार्क फिशर की कैपिटलिस्ट रियलिज्म, इज़ देयर नो अल्टरनेटिव, दो हजार नौ में प्रकाशित एक संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली राजनीतिक दर्शन और सांस्कृतिक आलोचना की पुस्तक है. फिशर का केंद्रीय विचार यह है कि समकालीन समाज में पूंजीवाद केवल प्रमुख आर्थिक व्यवस्था नहीं रह गया है, बल्कि उसे एकमात्र व्यवहार्य व्यवस्था मान लेने की सामूहिक आदत बन गई है. इस मानसिक ढांचे को वे कैपिटलिस्ट रियलिज्म कहते हैं. पुस्तक का शीर्षक मार्गरेट थैचर के कथन, देयर इज़ नो अल्टरनेटिव, की ओर संकेत करता है. फिशर लोकप्रिय सिनेमा, शिक्षा, कार्यस्थल, सार्वजनिक सेवाओं और मानसिक स्वास्थ्य के उदाहरणों से दिखाते हैं कि बाजार-केंद्रित विचारधारा रोजमर्रा के अनुभव को कैसे आकार देती है. उनका उद्देश्य किसी तैयार आर्थिक खाके का प्रस्ताव देना नहीं है. वे पहले उस अदृश्य धारणा को दृश्य बनाना चाहते हैं, जिसके कारण लोग व्यवस्था की कमियों को पहचानते हुए भी उसके बाहर सोचने में कठिनाई महसूस करते हैं. इसलिए यह पुस्तक नवउदारवाद की आलोचना के साथ राजनीतिक कल्पना की सीमाओं की भी जांच करती है.