Show Notes
- Amazon India Store: https://www.amazon.in/dp/0934868077?tag=9natreehindi-21
- Amazon Worldwide Store: https://global.buys.trade/Society-Of-The-Spectacle-Guy-Debord.html
- Apple Books: https://books.apple.com/us/audiobook/comments-on-the-society-of-the-spectacle-unabridged/id1370086613?itsct=books_box_link&itscg=30200&ls=1&at=1001l3bAw&ct=9natree
- eBay: https://www.ebay.com/sch/i.html?_nkw=Society+Of+The+Spectacle+Guy+Debord+&mkcid=1&mkrid=711-53200-19255-0&siteid=0&campid=5339060787&customid=9natree&toolid=10001&mkevt=1
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#स्पेक्टेकल #छवियोंद्वारामध्यस्थता #वस्तुकरण #सामाजिकअलगाव #प्रत्यक्षसहभागिता #SocietyOfTheSpectacle
गाइ देबोर की सोसाइटी ऑफ द स्पेक्टेकल पहली बार उन्नीस सौ सड़सठ में प्रकाशित राजनीतिक और सामाजिक सिद्धांत की पुस्तक है. यह उपन्यास या मीडिया इतिहास नहीं, बल्कि आधुनिक पूंजीवादी जीवन की एक संक्षिप्त, तीखी मार्क्सवादी आलोचना है. देबोर का केंद्रीय तर्क है कि विकसित उपभोक्ता समाज में लोग दुनिया को सीधे जीने के बजाय छवियों, वस्तुओं, विज्ञापनों और सामाजिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अनुभव करने लगते हैं. वे इस व्यापक व्यवस्था को स्पेक्टेकल कहते हैं. इसका अर्थ केवल टेलीविजन, समाचार या मनोरंजन नहीं है, बल्कि लोगों के बीच ऐसा सामाजिक संबंध है जो छवियों द्वारा नियंत्रित होता है. पुस्तक दो सौ इक्कीस छोटे सूत्रों में संगठित है और हेगेल, मार्क्स तथा क्रांतिकारी राजनीति की परंपराओं से संवाद करती है. इसका उद्देश्य आधुनिक जीवन के अलगाव, निष्क्रिय उपभोग और राजनीतिक निष्क्रियता को समझना है, साथ ही यह पूछना है कि प्रत्यक्ष, साझी और सचेत सामाजिक जीवन की संभावना कैसे फिर से बनाई जा सकती है.