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- Amazon India Store: https://www.amazon.in/dp/0140135375?tag=9natreehindi-21
- Amazon Worldwide Store: https://global.buys.trade/The-Divided-Self%3A-An-Existential-Study-in-Sanity-and-Madness-R-D-Laing.html
- Apple Books: https://books.apple.com/us/audiobook/the-double-a-haunting-tale-of-identity/id1818070732?itsct=books_box_link&itscg=30200&ls=1&at=1001l3bAw&ct=9natree
- eBay: https://www.ebay.com/sch/i.html?_nkw=The+Divided+Self+An+Existential+Study+in+Sanity+and+Madness+R+D+Laing+&mkcid=1&mkrid=711-53200-19255-0&siteid=0&campid=5339060787&customid=9natree&toolid=10001&mkevt=1
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#ऑन्टोलॉजिकलअसुरक्षा #झूठास्व #वास्तविकस्व #अस्तित्ववादीमनोचिकित्सा #स्किजोफ्रेनियाकाआत्मानुभव #TheDividedSelf
आर डी लैंग की द डिवाइडेड सेल्फ पहली बार उन्नीस सौ साठ में प्रकाशित हुई अस्तित्ववादी मनोचिकित्सा की एक प्रभावशाली और विवादास्पद कृति है. यह उपन्यास या आत्मसहायता पुस्तक नहीं, बल्कि स्किजोफ्रेनिया, व्यक्तित्व और मानवीय संबंधों का दार्शनिक तथा नैदानिक अध्ययन है. लैंग का केंद्रीय उद्देश्य उस अनुभव को समझने योग्य बनाना है जिसे पारंपरिक मनोचिकित्सा अक्सर केवल रोग के लक्षणों में बदल देती है. वे पूछते हैं कि जब किसी व्यक्ति को पागल कहा जाता है, तब वह अपने शरीर, अपने मन और दूसरे लोगों के बीच किस तरह की असुरक्षा जी रहा हो सकता है. पुस्तक में अस्तित्ववाद और फेनोमेनोलॉजी के सहारे लैंग वास्तविक स्व, झूठे स्व और ऑन्टोलॉजिकल असुरक्षा जैसी अवधारणाओं को विकसित करते हैं. नैदानिक उदाहरणों के माध्यम से वे दिखाते हैं कि विचित्र व्यवहार भी व्यक्ति के लिए अर्थपूर्ण हो सकता है. आधुनिक जैविक मनोचिकित्सा के सभी निष्कर्षों का विकल्प मानने के बजाय इसे निदान, सहानुभूति और संबंधों की सीमाओं पर गंभीर प्रश्न उठाने वाली ऐतिहासिक कृति के रूप में पढ़ना अधिक उचित है.