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#नाजीयुद्धअर्थव्यवस्था #लेबेन्सराउम #ऑपरेशनबारबारोसा #अल्बर्टश्पीयरमिथक #रणनीतिकबमबारी #TheWagesofDestruction
एडम टूस की द वेजेज ऑफ डिस्ट्रक्शन, द मेकिंग एंड ब्रेकिंग ऑफ द नाजी इकोनॉमी, नाजी जर्मनी की अर्थव्यवस्था, युद्ध-नीति और वैचारिक उद्देश्यों का विस्तृत इतिहास है. यह पुस्तक द्वितीय विश्वयुद्ध को केवल सैन्य अभियानों या नेताओं के निर्णयों की कथा मानने के बजाय उत्पादन, कच्चे माल, श्रम, विदेशी मुद्रा, खाद्य आपूर्ति और औद्योगिक क्षमता के प्रश्नों से समझती है. टूस का केंद्रीय तर्क है कि जर्मनी आरंभ से ही उन विशाल आर्थिक शक्तियों, विशेषकर संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटिश साम्राज्य और सोवियत संघ, की तुलना में कमजोर था जिनसे वह टकराने जा रहा था. इस कमजोरी का समाधान नाजी नेतृत्व ने शांतिपूर्ण विकास में नहीं, बल्कि विजय, लूट और पूर्वी यूरोप के संसाधनों पर हिंसक कब्जे में खोजा. पुस्तक यह भी दिखाती है कि नस्लवादी विचारधारा और आर्थिक गणना अलग प्रक्रियाएं नहीं थीं. हिटलर की लेबेन्सराउम की परियोजना आर्थिक आत्मनिर्भरता, साम्राज्यवादी विस्तार और जनसंहारक राजनीति से जुड़ी थी. इस तरह टूस नाजी शासन की आक्रामकता को उसकी शक्ति का प्रमाण नहीं, बल्कि उसकी संरचनात्मक असुरक्षा का परिणाम बताते हैं.