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- Amazon India Store: https://www.amazon.in/dp/0393318885?tag=9natreehindi-21
- Amazon Worldwide Store: https://global.buys.trade/The-Wealth-and-Poverty-of-Nations-David-S-Landes.html
- Apple Books: https://books.apple.com/us/audiobook/the-wealth-and-poverty-of-nations-why-some-are-so/id1642410484?itsct=books_box_link&itscg=30200&ls=1&at=1001l3bAw&ct=9natree
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डेविड एस. लैंडेस की द वेल्थ एंड पॉवर्टी ऑफ नेशंस आर्थिक इतिहास की एक व्यापक और विवादास्पद कृति है. इसका केंद्रीय प्रश्न सीधा है, कुछ देश लंबे समय तक समृद्ध और शक्तिशाली क्यों बने, जबकि दूसरे गरीबी और पिछड़ेपन में क्यों फंसे रहे. उन्नीस सौ अट्ठानवे में प्रकाशित यह पुस्तक यूरोप, अमेरिका, जापान, चीन, अरब जगत और लैटिन अमेरिका के लंबे आर्थिक अनुभवों की तुलना करती है. लैंडेस केवल प्राकृतिक संसाधन या उपनिवेशवाद को पर्याप्त उत्तर नहीं मानते. उनके अनुसार संस्कृति, राजनीतिक प्रतिस्पर्धा, व्यक्तिगत स्वतंत्रता, बाजार व्यवस्था, ज्ञान के प्रति खुलापन और तकनीकी कौशल मिलकर विकास की दिशा तय करते हैं. वे विशेष रूप से पश्चिमी यूरोप के औद्योगिक उभार को समझाने का प्रयास करते हैं और बताते हैं कि छोटे दिखने वाले आविष्कार भी उत्पादकता तथा शक्ति को बदल सकते हैं. पुस्तक का उद्देश्य कोई एक सार्वभौमिक विकास सूत्र देना नहीं, बल्कि इतिहास के माध्यम से समृद्धि के अनुकूल और प्रतिकूल सामाजिक ढांचों की पड़ताल करना है. इसकी दृष्टि प्रभावशाली है, लेकिन संस्कृति और यूरोप-केंद्रितता पर इसके निष्कर्षों को आलोचनात्मक सावधानी से पढ़ना जरूरी है.