Show Notes
- Amazon India Store: https://www.amazon.in/dp/1400095719?tag=9natreehindi-21
- Amazon Worldwide Store: https://global.buys.trade/The-Moral-Consequences-of-Economic-Growth-Benjamin-M-Friedman.html
- Apple Books: https://books.apple.com/us/audiobook/why-growth-matters-how-economic-growth-in-india-reduced/id692711889?itsct=books_box_link&itscg=30200&ls=1&at=1001l3bAw&ct=9natree
- eBay: https://www.ebay.com/sch/i.html?_nkw=The+Moral+Consequences+of+Economic+Growth+Benjamin+M+Friedman+&mkcid=1&mkrid=711-53200-19255-0&siteid=0&campid=5339060787&customid=9natree&toolid=10001&mkevt=1
- और पढ़ें: https://hindi.9natree.com/read/1400095719/
#व्यापकआयवृद्धि #आगेबढ़नेकीअनुभूति #सामाजिकसहिष्णुता #लोकतांत्रिकस्थिरता #आर्थिकठहराव #TheMoralConsequencesofEconomicGrowth
बेंजामिन एम. फ्राइडमैन की पुस्तक द मॉरल कॉन्सिक्वेंसेज़ ऑफ इकोनॉमिक ग्रोथ अर्थशास्त्र, राजनीतिक इतिहास और नैतिक दर्शन को जोड़ने वाली गंभीर गैर कथा कृति है. इसका केंद्रीय प्रश्न यह है कि आर्थिक वृद्धि केवल लोगों की खरीदने की क्षमता बढ़ाती है, या समाज के व्यवहार और मूल्यों को भी बदलती है. फ्राइडमैन का तर्क है कि जब व्यापक आबादी को अपनी आय और जीवन संभावनाओं में निरंतर सुधार दिखता है, तब समाज अवसर, निष्पक्षता, विविधता और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अधिक खुला होता है. इसके उलट, ठहराव की स्थिति में, समृद्ध देश भी असुरक्षा, कटुता और सामाजिक संकीर्णता की ओर जा सकते हैं. लेखक विशेष रूप से गृहयुद्ध के बाद के अमेरिका सहित पश्चिमी लोकतंत्रों के इतिहास का उपयोग करते हैं. उनका उद्देश्य वृद्धि को सकल घरेलू उत्पाद की तकनीकी बहस से बाहर लाकर नागरिक जीवन के नैतिक आधार से जोड़ना है. यह पुस्तक वृद्धि के पक्ष में एक सरल नारा नहीं देती, बल्कि यह पूछती है कि किस प्रकार की प्रगति लोगों को यह भरोसा देती है कि वे आगे बढ़ रहे हैं.