Show Notes
- Amazon India Store: https://www.amazon.in/dp/0062266691?tag=9natreehindi-21
- Amazon Worldwide Store: https://global.buys.trade/Machines-of-Loving-Grace-John-Markoff.html
- Apple Books: https://books.apple.com/us/audiobook/machines-of-loving-grace/id1441467785?itsct=books_box_link&itscg=30200&ls=1&at=1001l3bAw&ct=9natree
- eBay: https://www.ebay.com/sch/i.html?_nkw=Machines+of+Loving+Grace+John+Markoff+&mkcid=1&mkrid=711-53200-19255-0&siteid=0&campid=5339060787&customid=9natree&toolid=10001&mkevt=1
- और पढ़ें: https://hindi.9natree.com/read/B00Y3VXZSG/
#कृत्रिमबुद्धिमत्ता #बुद्धिसंवर्धन #स्वायत्तरोबोट #प्रतीकात्मकएआईऔरकनेक्शनिज्म #मानवीयजवाबदेही #MachinesofLovingGrace
जॉन मार्कऑफ की पुस्तक मशीन्स ऑफ लविंग ग्रेस, मनुष्यों और रोबोटों के बीच साझा आधार की खोज, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स और कंप्यूटिंग के सामाजिक इतिहास का विश्लेषणात्मक वृत्तांत है. न्यूयॉर्क टाइम्स के प्रौद्योगिकी पत्रकार रहे मार्कऑफ इस प्रश्न को केंद्र में रखते हैं कि कंप्यूटर मनुष्य के विकल्प बनेंगे या उसकी क्षमताओं का विस्तार करेंगे. पुस्तक उन्नीस सौ पचास और साठ के दशकों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा बुद्धि संवर्धन के अलग विचारों से आरंभ होकर आधुनिक स्वायत्त गाड़ियों, डिजिटल सहायकों और नेटवर्क से जुड़े उपकरणों तक पहुंचती है. इसका उद्देश्य केवल तकनीकी प्रगति गिनाना नहीं, बल्कि डिजाइन के पीछे मौजूद मूल्यों को समझना है. मार्कऑफ दिखाते हैं कि स्वचालन के हर निर्णय में नियंत्रण, जवाबदेही, काम और मानवीय निर्णय की भूमिका जुड़ी होती है. इसलिए यह न तो रोबोटों के पक्ष में उत्सवधर्मी पुस्तक है, न उनके विरुद्ध भय का आख्यान. यह इतिहास, तकनीकी विचारधाराओं और सार्वजनिक नैतिकता के संगम पर खड़ी एक गंभीर पुस्तक है, जो पाठक को पूछने के लिए प्रेरित करती है कि सुविधाजनक मशीनों के साथ हम किस तरह का समाज बना रहे हैं.