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- Amazon India Store: https://www.amazon.in/dp/0306827174?tag=9natreehindi-21
- Amazon Worldwide Store: https://global.buys.trade/The-Stolen-Wealth-of-Slavery%3A-A-Case-for-Reparations-David-Montero.html
- Apple Books: https://books.apple.com/us/audiobook/the-stolen-wealth-of-slavery/id1691119668?itsct=books_box_link&itscg=30200&ls=1&at=1001l3bAw&ct=9natree
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#उत्तरीबैंकोंकीदासप्रथामेंभागीदारी #दासश्रमसेअर्जितपूंजी #कॉर्पोरेटरेपरेशंस #अमेरिकीऔद्योगीकरणऔरदासप्रथा #नस्लीसंपत्तिअसमानता #TheStolenWealthofSlavery
डेविड मोंटेरो की द स्टोलन वेल्थ ऑफ स्लेवरी: अ केस फॉर रेपरेशंस एक खोजी इतिहास और आर्थिक न्याय पर केंद्रित गैर-कथा पुस्तक है. यह अमेरिकी दासप्रथा को केवल दक्षिणी राज्यों की सामाजिक व्यवस्था मानने वाली प्रचलित धारणा पर प्रश्न उठाती है. मोंटेरो का मुख्य तर्क है कि दास बनाए गए अश्वेत लोगों के श्रम और जीवन से निकाला गया धन उत्तरी बैंकों, व्यापारिक घरानों, बीमा कंपनियों और वित्तीय नेटवर्कों तक पहुँचा. गृहयुद्ध के बाद यह संपत्ति नष्ट नहीं हुई, बल्कि औद्योगीकरण और आधुनिक कॉर्पोरेट पूंजी के निर्माण में पुनर्निवेशित हुई. फरवरी २०२४ में प्रकाशित इस पुस्तक की भूमिका माइकल एरिक डाइसन ने लिखी है. मोंटेरो ऐतिहासिक दस्तावेजों और वित्तीय संबंधों की पड़ताल के जरिए यह समझाने का प्रयास करते हैं कि रेपरेशंस का प्रश्न केवल अतीत की नैतिक निंदा नहीं है. उनके लिए यह जवाबदेही, लाभ के उत्तराधिकार और आज की नस्ली संपत्ति-असमानता से जुड़ा आर्थिक प्रश्न भी है.